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Weather Alert: रक्षाबंधन पर बिहार में बदलेगा मौसम, 20 जिलों में ऑरेंज और 18 में येलो अलर्ट

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | रक्षाबंधन पर बिहार में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। 20 जिलों में ऑरेंज और 18 जिलों में येलो अलर्ट है।

पटना, 28 अगस्त। रक्षाबंधन के दिन बिहार में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने व्यापक अलर्ट जारी किया है। पटना समेत 20 जिलों को ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है, जबकि 18 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के दौरान तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, पटना, जहानाबाद, नालंदा, गया, नवादा, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा और लखीसराय में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। खासकर खुले मैदान, खेत, सड़क किनारे पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

18 जिलों में येलो अलर्ट

बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, खगड़िया, कटिहार, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इन इलाकों में भी मौसम खराब होने पर गरज के साथ बारिश और बिजली चमकने की संभावना रहेगी। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों से अनावश्यक रूप से खुले में निकलने से बचने की अपील की गई है।

29 अगस्त को बढ़ सकती है बारिश की तीव्रता

मौसम विभाग के अनुसार 29 अगस्त को बिहार के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का असर और व्यापक हो सकता है। कई जगहों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम का यह प्रभाव 1 सितंबर तक बने रहने का अनुमान है।

इस दौरान लगातार बारिश होने वाले इलाकों में निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की समस्या भी सामने आ सकती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों और कच्चे रास्तों पर इसका असर पड़ने की संभावना है।

सासाराम में बारिश से जलभराव

पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। सासाराम में तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति देखी गई। निचले इलाकों और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

वहीं पटना में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे। आसमान में बादलों की मौजूदगी के बावजूद उमस ने लोगों को परेशान किया। अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान से राजधानी में बारिश की उम्मीद बढ़ गई है।

सुपौल सबसे गर्म, पटना में 35.4 डिग्री तापमान

गुरुवार को सुपौल राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। यहां अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मोतिहारी और रोहतास में अधिकतम तापमान 36 डिग्री रहा।

सीवान और दरभंगा में 35.6 डिग्री, पटना में 35.4 डिग्री और अररिया में 34.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ अगले कुछ दिनों में तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है।

पटना में तीन दिन बादल और बौछार

राजधानी पटना में 29 से 31 अगस्त के बीच आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान रुक-रुककर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

पटना में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बारिश के कारण दिन के तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि बारिश थमने के बाद उमस फिर बढ़ सकती है।

सक्रिय मानसून से बढ़ी बारिश की उम्मीद

मौसम में बदलाव के पीछे पूर्वी भारत में सक्रिय मानसूनी गतिविधियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। बिहार में नमी वाली हवाओं के पहुंचने से बादल बनने की प्रक्रिया तेज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 26 अगस्त से 1 सितंबर के बीच मानसून के सक्रिय रहने की स्थिति बनी हुई है।

इस मानसून सीजन में बिहार में अब तक बारिश सामान्य से कम रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य में इस अवधि तक करीब 749.8 मिलीमीटर बारिश अपेक्षित थी, जबकि वास्तविक बारिश लगभग 434.4 मिलीमीटर दर्ज हुई है। इस तरह बारिश में करीब 315.4 मिलीमीटर की कमी रही है।

आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से राज्य में बारिश की कमी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है। हालांकि लगातार बारिश के कारण जहां किसानों को राहत मिल सकती है, वहीं शहरी इलाकों में जलनिकासी और निचले क्षेत्रों में जलभराव की चुनौती भी बढ़ सकती है।

वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी जरूरी

बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होने, खुले मैदान में रहने और बिजली के उपकरणों के संपर्क में रहने से बचना चाहिए।

रक्षाबंधन के मौके पर बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर निकलते हैं। ऐसे में मौसम खराब होने पर यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम की स्थिति और प्रशासन की सलाह को ध्यान में रखकर ही आवागमन करना चाहिए।

Alam Ki Khabar की अपील: मौसम विभाग के अलर्ट को हल्के में न लें। तेज बारिश, आंधी या वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और बच्चों व बुजुर्गों को विशेष सावधानी के साथ रखें।

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मौसम पर नजर रखना क्यों जरूरी है

बिहार में इस समय बारिश की कमी और मानसून की सक्रियता दोनों साथ-साथ दिखाई दे रही हैं। लंबे समय से सामान्य से कम बारिश के कारण जहां खेतों को पर्याप्त पानी मिलने की चुनौती बनी हुई थी, वहीं अब अचानक तेज बारिश और वज्रपात का खतरा नई परेशानी पैदा कर सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बारिश केवल तापमान कम करने वाली सामान्य मौसमी गतिविधि नहीं है। कई स्थानों पर कम समय में तेज बारिश होने से जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा वज्रपात बिहार में गंभीर प्राकृतिक जोखिमों में शामिल है।

इसलिए अगले कुछ दिनों में लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर लगातार ध्यान देना चाहिए। खासकर ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। प्रशासन के स्तर पर भी निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाना जरूरी है।

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